SIBLING SPECIAL STORIES OF CHANGE WITH ISF

We often hear about children with intellectual disabilities who face challenges as they grow into adulthood. Less often, we hear about their siblings. They often experience a unique set of emotions, responsibilities and opportunities when it comes to their siblings with special needs. Today, we have brought a sibling special edition of “stories of change “ with ISF. These highlight the struggles of three ‘DIFFERENTLY ABLED’ brother who after getting inclusive support & education at ISF-Autism Care Home are living a life of dignity. Aditya and Roselyn

Aditya is a young active boy who was living a carefree life studying at a hostel in Roorkee. He was hyperactive, curious, sweet and had a cheerful attitude towards life. Life took a miserable turn when he lost both his parents. Aditya’s sister, Ms. Roselyn who is working at a corporate company recalls, “My sibling is 15+ who was diagnosed to be under stress and trauma due to parents death. I have been working along with doctors to find suitable options but alas I kept failing. It’s been 7+ of my struggle days wherein what I always wanted was the best for him. A life that he would be happy smiling but it didn’t seem to work well…. So now the journey started, September 24 I get in touch with Bobby at around 8 PM. A friend suggested to speak and see if she could help me. With the as always experience of getting a NO from others Bobby really surprised me. She heard me and our problems the Explained the situation and the treatment, care and comfort she would provide to my sibling. I wasn’t convinced to be away from him and trust me this journey isn’t that great without him. September 26, we land at Lucknow and enter the premises. The vibes and welcome gave me confidence that he is within the zone of best people in the world so far. Why I say this is because she was the only one who understood the painful journey of ours and landed her hand to do the best she could. She did not promise however, said that’s the best for him. Each day still from September 26 hasn’t been wonderful for me but when Bobby sends the videos and photos I feel overwhelmed each second of my life. I have never seen him so happy and doing so good. Enjoying sports or activities whatever you call it. He never used to play with anyone except me. However, in these 16 days I have seen my boy grow, grow as a person, always happy to see his cheerful smile. I could never image the amount of difference Bobby and his ram has made. I always mention this to her, lord has sent her like my ANGEL and I cannot thank her enough and lord for the hard work she is doing for each and every one. When I see all the happy faces on Bobby’s status it makes me remind always, no matter how much thankful I am specially to her, the work and gesture she is inputting is beyond any appreciation. I surely have confidence in her that when my boy is back after some more time, he shall be a different person and same goes with me… With a cheerful smile, Roselyn has all the good words for Bobby. She says: Bobby thank you once again and I would always keep you all in prayers and would always ask for the best for you. Stay blessed dear


भाई-बहन विशेष
बदलाव की कहानियां आई.एस.एफ के साथ:-
अक्सर हम बौद्धिक विकलांगता से ग्रसित बच्चों के बारे में सुनते हैं जो चुनौतियों का सामना करते हुए परोधता की तरफ बढ़ते हैं.
पर उनके भाई – बहनों का ज़िक्र बहुत कम सुनने को मिलता है वह अक्सर एक अद्वितीय भावनाओं, जिम्मेदारियों और अफसरों का
अनुभव करते हैं अपने विशेष जरूरतों वाले भाई बहन को लेकर.
“आज हम कुछ ऐसे ही भाई-बहन का एक विशेष संस्करण बदलाव की कहानी ISF के साथ लेकर आए हैं”.
इस कहानी का मुख्य आकर्षण एक ऐसे
निशक्तजन और दिव्यांगजन भाइ के संघर्ष के बारे में है.
जो कि गरिमा का जीवन व्यतीत कर रहे हैं ISF ऑटिज़्म केयर होम से समर्थन और शिक्षा प्राप्त करने के बाद.
आदित्य और रोज़लिन
आदित्य एक नौजवान युवा लड़का है जो कि रुड़की के हॉस्टल में पढ़ाई के लिए आया हुआ था लेकिन बहुत ही लापरवाह जीवन जी
रहा था.
वह एक अति सक्रिय ,उत्सुक , जीवन के लिए मीठा और खुशमिजाज रवैया रखने वाला लड़का था पर जिंदगी ने दुखद मोड़ तब
लिया जब उसने अपने माता-पिता को खो दिया.
आदित्य की बहन रोज़लिन जो एक कॉरपोरेट कंपनी मैं काम कर रही है.
वह याद करवाती है कि, मेरा भाई जो 15 साल का है माता पिता की मृत्यु के कारण तनाव और
आघात में था. मैं डॉक्टरों की मदद से एक उपयुक्त विकल्प खोजने की लगातार कोशिश कर रही थी, लेकिन अफसोस मैं असफल रही.
आज मुझे संघर्ष करते 7 साल से ज्यादा हो चुके हैं पर मैंने हमेशा से ही उसके लिए अच्छा ही चाहा है, एक ऐसी जिंदगी जिसमें वह
हमेशा खुश रहे , पर ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है.
लेकिन अब एक सफर की शुरुआत हुई है.
24 सितंबर को मैं बॉबी के संपर्क में आई लगभग 8:00 बजे. एक दोस्त ने उसके बारे में बताया और कहा कि शायद वह कुछ मदद
कर सके. मैं सबसे ना सुनने की आदी हो चुकी थी पर बॉबी ने मुझे चौका सा दिया- उसने
मुझे और मेरी समस्या को सुना और परिस्थिति को समझने के बाद कहा वह मेरे भाई का इलाज करेगी उसकी देखभाल करेगी और
उसे आराम से रखेगी.
मैं कभी तैयार नहीं थी भाई से अलग होने के लिए पर मेरा विश्वास करें यह सफर उसके बिना अधूरा था.
26 सितंबर को हम लखनऊ पहुंचे और परिसर में दाखिल हुए. वहां के वातावरण और उनके स्वागत ने मुझे यह भरोसा दिलाया कि
हम दुनिया के अभी तक के सबसे सर्वश्रेष्ठ लोगों के बीच में है मैं यह इसलिए कह सकती हूं कि वह एक इकलौते हैं जिसने हमारे दर्द को
समझा और हमें दिलासा ही नहीं बल्कि मदद का हाथ भी बढ़ाया.
26 सितंबर से कोई भी दिन मेरे लिए बहुत अच्छा नहीं था पर जब बॉबी ने मेरे भाई के वीडियोस और फोटोस मुझे भेजें. तब से मैं
अपने जीवन के प्रत्येक सेकंड में अभिभूत महसूस कर रही हूं.
मैंने उसको इतना खुश और इतना अच्छा करते हुए कभी नहीं देखा था वह खेल और दूसरी गतिविधियों या जो भी उसे कहते हैं का
भरपूर आनंद ले रहा था.
वह कभी भी किसी के साथ नहीं खेला करता था मेरे अलावा .
हालांकि मैंने इन 16 दिनों में अपने भाई को एक व्यक्ति के रूप में बढ़ते हुए देखा है .
उसकी हंसमुख मुस्कुराहट देखकर मुझे हमेशा खुशी होती है. मैं कभी कल्पना भी नहीं कर सकती थी कि बॉबी और उसकी टीम इतना
बदलाव ला सकते हैं.

मैंने उसे हमेशा कहा है कि भगवान ने तुम्हें एक फरिश्ता बना कर भेजा है मैं कभी भी उसको और भगवान को पर्याप्त धन्यवाद नहीं दे
सकती उसकी निष्ठा और कड़ी मेहनत के लिए जो वह हर दिन और हर पल कर रही है.
जब भी मैं बॉबी के स्टेटस में हंसते और मुस्कुराते हुए चेहरे देखती हूं मुझे हमेशा याद आता है कि कुछ भी हो मैं उसकी बहुत आभारी
हूं उसका काम किसी भी प्रशंसा के ऊपर है मुझे निश्चित रूप से उस पर भरोसा है कि जब मेरा भाई कुछ और समय के बाद वापस
आएगा वह एक अलग व्यक्ति होगा और वही विश्वास मेरे साथ चलता है
एक हंसमुख मुस्कान के साथ रॉसलिन के पास बॉर्बी के लिए सभी अच्छे शब्द हैं
वह कहती हैं – बॉबी एक बार फिर आप का धन्यवाद करती हूं.
आप हमेशा खुश रहे और जो भी आप चाहे वह आपको मिल.

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